ओवैसी ने पासा को लेकर उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना
ओवैसी ने पासा को लेकर उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना
बोले, तस्करी से निपटने के लिए लगाया था पासा
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा है कि राज्य का दर्जा मिलने के बाद हम जन सुरक्षा अधिनियम, 1978 (पासा) को हटा देंगे। ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर उमर अब्दुल्ला से सवाल करते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तस्करी से निपटने के लिए शेख अब्दुल्ला ने पासा लागू किया था। इसबीच, फारूक अब्दुल्ला, जीएम शाह, मुफ्ती सईद, जी.एन. आज़ाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती समेत कई मुख्यमंत्री आए। ये सभी पासा को बड़ी आसानी से हटा सकते थे। साथ ही मानवाधिकारों का उल्लंघन भी रोक सकते थे, लेकिन किसी ने भी इसकी जरूरत नहीं समझी।
20 हजार से ज्यादा को बेवजह जेल में डाला
ओवैसी का आरोप है कि 1978 से लेकर अब तक जम्मू-कश्मीर में जितने भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे हैं, सभी ने इस कानून का गलत उपयोग किया है। उस समय से अब तक 20 हजार से ज्यादा लोगों को बिना किसी अपराध, निष्पक्ष सुनवाई और उचित अपील प्रक्रिया के जेल में डाल दिया गया है। आज भी इस कानून की वजह से जम्मू-कश्मीर के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ओवैसी ने उल्लेख किया कि इस कानून के तहत कुछ लोगों की नजरबंदी 7 से 12 साल तक बढ़ा दी गई। एक अलगाववादी को इसी कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। बताते हैं कि बाद में जरूरत पड़ी तो उसे कोर्ट से वारंट जारी कर जमानत दे दी गई।