झारखंड

बक्सीगरजा गांव के कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

भरत मंडल/न्यूज 11 भारत 

गांडेय/डेस्क : गांडेय प्रखंड के घाटकुल पंचायत के बक्सीगरजा गांव में सार्वजनिक कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है. एक पक्ष द्वारा थाना में आवेदन देने के बाद गांव के कई ग्रामीणों ने उस आवेदन को गलत ठहराते हुए आरोप लगाया है कि आवेदन देने वाले व्यक्ति ने ही कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा कर लिया है.

बताया गया कि कुछ दिन पूर्व गांव के ही रुपलाल टुडू ने गांडेय थाना में आवेदन देकर कुछ ग्रामीणों पर धान की फसल चोरी करने का आरोप लगाया था. इसके बाद अब ग्रामीणों के एक समूह ने पलटवार करते हुए रुपलाल टुडू पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं.

ग्रामीण रामप्रसाद हांसदा, बाबूराम हांसदा, वीरेन्द्र हांसदा, विनोद हांसदा, रविन्द्र हांसदा, दशरथ टुडू, फागु टुडू, छोटे लाल हेम्ब्रम, छन्दो लाल टुडू, प्रकाश टुडू, संतोष मुर्मू सहित अन्य ने संयुक्त रूप से कहा कि बक्सीगरजा गांव की विवादित भूमि — जिसे भूत गड़छा कहा जाता है — पुरखों के समय से आदिवासियों का पारंपरिक (तोपाटांडी) कब्रिस्तान रही है.

ग्रामीणों के अनुसार, उक्त भूमि खाता संख्या 15, प्लॉट संख्या 569, रकबा 10 एकड़ 90 डिसमिल में दर्ज है. आरोप है कि गांव के सुखीलाल टुडू, रुपलाल टुडू, प्यारी टुडू और सोमरा टुडू, जिनके पिता जल्फा टुडू थे, ने बीते जून माह में डोजरिंग कर इस कब्रिस्तान भूमि को खेती योग्य बना लिया और उसमें फसल भी बो दी.

मामले की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. अंचल अधिकारी ने जांच के लिए हल्का कर्मचारी को भेजा भी था. बाद में ग्रामीणों ने अतिक्रमण के विरोध में गांव में बैठक आयोजित की, लेकिन आरोपित पक्ष बैठक में शामिल नहीं हुआ.

ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के कारण उन्होंने कब्रिस्तान पर बोई गई धान की फसल को नष्ट किया है. ग्रामीण प्रशासन से इस विवाद का उचित समाधान और कब्रिस्तान की जमीन को मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें:  घाटशिला उपचुनाव में झामुमो दोगुना अंतर से जीत दर्ज करेगी - निरल पूर्ति